हिन्द-युग्म: खुसरो चढी प्रीत की धुन री!
हिन्द-युग्म: खुसरो चढी प्रीत की धुन री!
खुसरो कहे-शिवाला तज दे,सब मोतियन की माला तज दे,पनघट पर बस गोरी हो जब,बस जा वहीं, निज शाला तज दे।
तनहा कवि जी आपकी कविता थोड़ी हट के है ,पढ़ने का मजा आ गया .......सीमा सचदेव

1 Comments:
great......pls visit
aajkeeghazal.blogspot.com
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home