Wednesday, March 5, 2008

हिन्द-युग्म: खुसरो चढी प्रीत की धुन री!

हिन्द-युग्म: खुसरो चढी प्रीत की धुन री!

खुसरो कहे-शिवाला तज दे,सब मोतियन की माला तज दे,पनघट पर बस गोरी हो जब,बस जा वहीं, निज शाला तज दे।
तनहा कवि जी आपकी कविता थोड़ी हट के है ,पढ़ने का मजा आ गया .......सीमा सचदेव

1 Comments:

At March 31, 2008 at 5:12 AM , Blogger सतपाल ख़याल said...

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